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पटना में सचिवालय कर्मियों के लिए शुरू होगी इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा, ट्रैफिक और प्रदूषण से मिलेगी राहत

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पटना में 18 मई 2026 से सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू होने जा रही है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम की इस पहल से सुरक्षित, सस्ती और पर्यावरण अनुकूल यात्रा सुविधा मिलेगी।

पटना/आलम की खबर:राजधानी पटना में सरकारी कर्मचारियों के लिए सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। बिहार राज्य पथ परिवहन निगम द्वारा 18 मई 2026 से सचिवालय कर्मियों के लिए विशेष इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा शुरू की जा रही है। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य कर्मचारियों को समय पर, सुरक्षित और सुगम यात्रा सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजाना ट्रैफिक जाम और निजी वाहनों की परेशानी से राहत मिल सके।

परिवहन विभाग का मानना है कि राजधानी पटना में हर दिन हजारों सरकारी कर्मचारी नया और पुराना सचिवालय पहुंचने के लिए निजी वाहनों का इस्तेमाल करते हैं। इससे शहर की सड़कों पर ट्रैफिक दबाव बढ़ता है और पेट्रोल-डीजल की खपत भी अधिक होती है। नई इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू होने के बाद बड़ी संख्या में कर्मचारियों के सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की उम्मीद है, जिससे शहर में जाम और प्रदूषण दोनों में कमी आ सकती है।

बिहार राज्य पथ परिवहन निगम पहले से ही पटना शहर में इलेक्ट्रिक बसों का संचालन कर रहा है। अब इन्हीं बसों को विशेष रूप से सचिवालय कर्मियों के लिए निर्धारित रूटों पर चलाने की योजना बनाई गई है। विभाग के अनुसार यह सेवा सुबह और शाम दोनों समय उपलब्ध रहेगी। सुबह कर्मचारियों को कार्यालय पहुंचाने और शाम को वापस उनके गंतव्य तक छोड़ने के लिए अलग-अलग रूट तय किए गए हैं।

विशेष रूप से महिला कर्मचारियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए पिंक बस सेवा भी शुरू की जा रही है। इन बसों में महिलाओं को सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का माहौल उपलब्ध कराने पर जोर दिया जाएगा। परिवहन विभाग का कहना है कि यह पहल महिलाओं को सार्वजनिक परिवहन के प्रति अधिक भरोसा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

मल्टी मॉडल हब यानी पटना जंक्शन से चलने वाली इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा आर ब्लॉक, इनकम टैक्स, विद्युत भवन, पटना उच्च न्यायालय और बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय तक पहुंचेगी। यह सेवा सुबह करीब साढ़े आठ बजे शुरू होगी। शाम को भी कर्मचारियों की वापसी के लिए इसी रूट पर बसें उपलब्ध रहेंगी। इस रूट को राजधानी के सबसे व्यस्त मार्गों में माना जाता है, इसलिए यहां बस सेवा शुरू होने से बड़ी संख्या में लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

दानापुर स्टेशन से भी विशेष बस सेवा चलाई जाएगी। यह बस सगुना मोड़, आरपीएस मोड़, गोला रोड, जगदेव पथ, आशियाना नगर, आईजीआईएमएस, शेखपुरा मोड़ और चिड़ियाघर होते हुए सचिवालय तक जाएगी। यह सेवा सुबह 8:15 बजे से संचालित होगी। इस रूट पर रोजाना भारी ट्रैफिक रहता है, ऐसे में इलेक्ट्रिक बस सेवा से यातायात व्यवस्था में सुधार की संभावना जताई जा रही है।

इसके अलावा धनुकी मोड़ से शुरू होने वाली बस सेवा कुम्हरार, भूतनाथ रोड, एनएमसीएच, राजेंद्र नगर टर्मिनल, कंकड़बाग कॉलोनी मोड़ और आर ब्लॉक होते हुए विकास भवन तथा सचिवालय तक पहुंचेगी। इस रूट पर बड़ी संख्या में सरकारी कर्मचारी यात्रा करते हैं, इसलिए इसे भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुर्जी क्षेत्र से महिला कर्मचारियों के लिए विशेष पिंक बस सेवा शुरू की जाएगी। यह बस पी एंड एम मॉल, साईं मंदिर, पाटलिपुत्र कॉलोनी, ए.एन. कॉलेज, बोरिंग रोड चौराहा और हड़ताली मोड़ होते हुए सचिवालय तक पहुंचेगी। विभाग का कहना है कि इस सेवा से महिला कर्मचारियों को सुरक्षित और सीधी यात्रा सुविधा मिलेगी।

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गांधी मैदान से भी इलेक्ट्रिक बस सेवा संचालित की जाएगी। यह बस डाकबंगला चौराहा, इनकम टैक्स, नियोजन भवन, विद्युत भवन, हाईकोर्ट और बिहार म्यूजियम होते हुए सचिवालय क्षेत्र तक पहुंचेगी। यह मार्ग पटना के प्रमुख प्रशासनिक और व्यावसायिक इलाकों से होकर गुजरता है, इसलिए यहां बस सेवा शुरू होने से काफी लोगों को लाभ मिल सकता है।

परिवहन विभाग इस पहल को “ग्रीन ट्रांसपोर्ट सिस्टम” की दिशा में बड़ा कदम मान रहा है। इलेक्ट्रिक बसों के उपयोग से प्रदूषण कम होगा और ईंधन की बचत भी सुनिश्चित की जा सकेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि अधिक लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करेंगे तो इससे शहर की पर्यावरणीय स्थिति में सुधार आएगा। साथ ही ट्रैफिक जाम की समस्या भी काफी हद तक कम हो सकती है।

सरकार का लक्ष्य आने वाले वर्षों में पटना को स्मार्ट और पर्यावरण अनुकूल परिवहन व्यवस्था से जोड़ना है। इसके लिए इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़ाने और सार्वजनिक परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की योजना पर काम किया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में शहर के अन्य इलाकों में भी इसी तरह की विशेष सेवाएं शुरू की जा सकती हैं।

सरकारी कर्मचारियों के बीच भी इस योजना को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। कई कर्मचारियों का कहना है कि रोजाना ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या से जूझना पड़ता है। यदि समय पर और सीधी बस सेवा उपलब्ध होगी तो यात्रा आसान हो जाएगी और समय की भी बचत होगी। खासकर महिला कर्मचारियों ने पिंक बस सेवा को सकारात्मक पहल बताया है।

फिलहाल 18 मई से शुरू होने जा रही यह इलेक्ट्रिक और पिंक बस सेवा राजधानी पटना की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव मानी जा रही है। यदि यह योजना सफल रहती है तो आने वाले समय में शहर में पर्यावरण अनुकूल और आधुनिक परिवहन व्यवस्था को और मजबूती मिल सकती है।

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